दिसम्बर 19, 2016

टाटा सन्स की ओर से जारी बयान

मुंबई: टाटा संस ने ‘बोर्ड ऑफ टाटा कंपनीज’ से श्री सायरस मिस्त्री के इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा पर संज्ञान लिया। श्री मिस्त्री का इस्तीफा उनके द्वारा सोच-समझ कर दिया गया है, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि शेयरधारकों का विशाल बहुमत उनके समर्थन के पक्ष में नहीं है।

दुर्भाग्य से, श्री मिस्त्री ने उस संस्था के विरुद्ध सूचनाओं के प्रकटीकरण के जरिए आधारहीन, बेतुका और दुर्भावना प्रेरित आरोप लगाना जारी रखा है जिसका वे महती सम्मान करते हैं, यह उनका दावा रहा है।

टाटा संस ने उनके आरोपों का कई अवसरों पर खंडन किया है और श्री मिस्त्री के आरोपों का आगे भी समुचित जवाब किया जाएगा। टाटा संस श्री मिस्त्री के उन दावों का पुरजोर खंडन करते हैं जिसमें में जमशेद टाटा और टाटा समूह के मूल्यों और नैतिकता पर चलने की बात करते हैं। इसके विपरीत श्री मिस्त्री और उनकी फैमिली कंपनी ने जमशेदजी टाटा और उनके उत्तराधिकारियों द्वारा स्थापित उच्च मूल्यों और मापदंडों की कभी परवाह नहीं की। श्री मिस्त्री ने टाटा समूह की प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए शायद ही कुछ किया जो समूह के कर्मचारियों के अथक परिश्रम और समर्पण के बल पर अर्जित किया गया है।

श्री मिस्त्री 2006 से टाटा संस के निदेशक रहे हैं और इस तरह वह वर्षों तक टाटा समूह द्वारा लिए जाने वाले प्रमुख फैसलों में पूरी तरह शामिल रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चेयरमेन पद से हटते ही वह आरोप लगाने लगे और उन बिजनस निर्णयों की गलत व्याख्या करने लगे जिसके वे वर्षों तक अंग रहे।

टाटा समूह का अंग होने के नाते हम नैतिकता और मूल्यों के उच्चतम मानदंडों पर चलने के लिए कृतसंकल्प हैं जो हमारे संस्थापकों ने स्थापित किए हैं। इन्हीं के बल पर हमारा समूह आज वह है जैसा हम देखते हैं। टाटा समूह के सभी हितधारकों के हित की रक्षा के लिए हम कुछ भी कसर नहीं छोड़ेंगे।