मई 2017

वाणिज्य रूपांतरित करना, भारत रूपांतरित करना

कोयले व स्टील के साथ शुरु करते हुए एमजंक्शन सर्विसेस लिमिटेड एक पूर्ण सेवा बी2बी ई-कॉमर्स पूर्ण सेवा प्रदाता में विकसित हो गयी जो ई-सेल्स, ई-सोर्सिंग, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-फाइनांस तथा ल़यलिटी समाधान जैसी सेवाओं की व्यापक श्रंखला प्रदान करती है। एमजंक्शन भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है और स्टील का दुनिया का सबसे बड़ा ई-मार्केटप्लेस है। एमजंक्शन सीईओ विनय वर्मा एमजंक्शन के यूपीएस, भविष्य के लिए इसके रोडमैप, आधुनिक प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने, सीएसआर तथा अन्य पर चर्चा की।

वे कौन से प्रमुख कराक हैं जिन्होने एमजंक्शन की सफलता में योगदान दिया है?
एमजंक्शन की सबसे बड़ी उपलब्धि स्टील व कोयले जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधनों की आपूर्ति श्रंखला को साफ करना और बिचौलियों से मुक्त करना रही है। ई-प्लेटफार्मों ने लाइव और डायनामिक बिडिंग के माध्यम से बाजार निर्धारित मूल्यों को सुनिश्चित करने के अलावा खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लेवल-प्लेइंग फील्ड और पारदर्शिता व कार्यकुशलता को पैदा किया है। कोयले व स्टील के बाद, इस ई-ऑक्शन सेवा को चाय, निष्क्रिय संपत्ति, वाणिज्यिक कागज और अनाज जैसे क्षेत्रों में फैलाया गया है।

न्यायोचित, पारदर्शी तथा ग्राहक केन्द्रीयता पर जोर के साथ ई-मार्केटप्लेट की हमारी व्यवस्था ने हमें प्रतिस्पर्धा से दूर रखने में सहायता की है

हमारे प्लेटफार्म पर लेनदेने करने वाले खरीदारों व विक्रेताओं को इस बात का विश्वास रहता है कि उनके पास ऐसे सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक मार्केटप्लेस में से एक तक पहुंच हासिल है जहां लेनदेन को ईमानदारी तथा बाजार-निर्धारित मूल्यों पर आयोजित किया जाता है। यह उनको खरीदारों व विक्रेताओं के एक बड़े समुदाय तक कुशल व सहज तरीके से पहुंचाने में मदद भी करता है।

स्टील के लिए एमजंक्शन ने विस्तार किया है और नए उत्पाद प्रस्तावों को जोड़ा है। अभी तक की यात्रा कैसी रही है?
स्टील हमारे लिए आरंभिक प्रयास रहा है। आज, हम पूरे बी2बी ई-कॉमर्स स्पेक्ट्रम व विविधतापूर्ण श्रेणियों पर मौजूद हैं। धातु व खनिजों से आगे देखते हुए हमारे प्रस्तावों में अब कोयला, ई-प्रोक्योरमेंट, निष्क्रिय संपत्ति, चाय, समुद्री जहाज चार्टरिंग तथा टेलीकॉम स्पेक्ट्रम का ऑक्शन भी शामिल है।

हमे इस तथ्य पर गर्व है कि हमने 2001 में एमजंक्शन की शुरुता के समय हर साल नई सेवाओं को जारी किया है या नए वर्टिकल जोड़े हैं। हमारी नवीनतम उपलब्धियों में वाणिज्यिक कागज के क्षेत्र में हमारा उतरना है, जहां पर हमने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के लिए वाणिज्यिक कागज की पारदर्शी मूल्य खोज को सहायता दी है।

वित्तीय वर्ष 2018 में हमारी योजना, भारत के अनाज के सबसे बड़े थोक विक्रेता भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के लिए चावल तथा गेहूं के ई-ऑक्शन की योजना है। हमारे पास अनेक दूसरे सेगमेंट भी पाइपलाइन में हैं – जिसमें जंगल के उत्पाद भी शामिल हैं।

इस प्लेटफार्म आधारित संरचना से एमजंक्शन को कैसे लाभ होगा?
साझा उद्देश्यों वाली समान सेवाओं व रणनीतिक फोकस ने विभिन्न वर्टिकलों को प्लेटफार्म आधारित संरचना के अंतर्गत एकसाथ समूहित कर दिया है। इन वर्टिकलों में हमारी अधिकांश सेवाएं शामलि हैं, जिनमें से कुछ एमजंक्शन प्लेटफार्म तथा अन्य जैसे वित्तीय सेवाओं, ज्ञान सेवाओं आदि के लिए मूल हैं। इसमें लॉजिस्टिक्स तथा एनालिटिक्स जैसी मुफ्त चीजें भी शामिल हैं।

एक नई संरचना की ओर जाने से परिचालनों में अधिक स्पष्टता प्रदान करेगी और एमजंक्शन के प्लेटफार्मों के भागीदारों के लिए अधिक बेहतर मूल्यों का निर्माण करेगी।

एमजंक्शन का भविष्य का रोडमैप क्या है?
लघु अवधि में एमजंक्शन नई श्रेणियों में जाएगी – जैसे प्राइम स्टील और ऐग्रो आधारित उत्पाद व अन्य। जैसा कि मैने पहले कहा था, वित्तीय वर्ष 2018 में हम चावल व गेहूं के ई-ऑक्शन में जाने की योजना बना रहे हैं। हमारी योजना अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को विस्तार देने की भी है, जैसे ई-प्रोक्योरमेंट सेवाओं को एक उत्पाद के रूप में बनाना व जारी करना।

दीर्घ कालीन रूप से हमारी योजना विशिष्ट सेवा प्रस्तावों के माध्यम से हमारे फूटप्रिंट को दूसरे भौगोलिक क्षेत्रों में मजबूती से विस्तार देना है। ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर तथा यूएई में हमारे फूटप्रिंट पहले से ही हैं। हमारी आकांक्षा वित्तीय वर्ष 2020 में रु.500 करोड़ की टॉपलाइन जनरेट करने की है।

हमारी योजना हमारे सुपीरियर प्रौद्योगिकीय बुनियादी ढ़ांचे के साथ-साथ बिग डेटा एनालिटिक्स क्षमताओं और मशीन सीख का लाभ लेने की है तथा डेटा चलित परिचालनों व सेवा नवाचारों पर फोकस करने की है।

किस तरह से एमजंक्शन की योजना बिग डेटा एनालिटिक्स व अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने की है?
हम नई प्रौद्योगिकियों को गले लगाने के लिए उत्सुक हैं। हम पहले से ही डीप डाइव एनालिटिक्स को एकीकृत ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफार्म के लिए उपयोग कर रहे हैं जिसे छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ ग्राहकों के लिए हमारे अनुकूलित निष्ठावान प्रोग्रामों के लिए विकसित किया जा रहा है।

हम 16 बरस पहले एमजंक्शन की शुरुआत के समय से ही प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए अग्र-सक्रिय रहे हैं। हम आज बी उसी फलसफे के साथ चल रहे हैं और बिग डेटा, एनालिटिक्स, आओटी या मशीन लर्निंग जैसी संभावनाओं के बारे में उत्साहित है।

एमजंक्शन ने छत्तीसगढ़ सरकार के साथ इसके विभागों को ई-सक्षम करने के लिए साझीदारी की है। इस साझीदारी के क्या पहलू हैं?
एमजंक्शन ने छत्तीसगढ़ सरकार के लिए एक एकीकृत ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफार्म का निर्माण किया है। उन्नत बिजनेस इंटेलीजेंस टूल्स तथा विशिष्ट अल्गोरिदम पर आधारित इस एनालिटिक्स-शक्तिप्राप्त ई-प्रोक्योरमेंट समाधान में दृष्यता व नियंत्रण का उच्च स्तर है। यह संगठनों/सरकारी विभागों को धोखाधड़ी, कॉलीजन तथा वेंडरों के बीच कार्टल बनाने के विरुद्द भी सुरक्षित करता है।

अंतर्निहित अनुमोदन तथा व्यापार नियम प्रक्रियाएं निवारक टूल्स के रूप में काम करते हैं। उदाहरण के लिए, बिजनेस नियमों के विरुद्ध मैचिंग खरीदारी, संगठनों को भुगतान करने से पहले अधिक बेहतर रीयल टाइम नियंत्रण प्रदान करता है।

यह समाधान वेंडरों तथा अधिप्राप्तियों के विवरणों की रीयल-टाइम ऑडिट व निगरानी को सक्षम करता है और यदि कभी-कभार कोई गल्ती देखता है तो इस बात की पूरी ऑडिट ट्रेल मिलती है कि किसने, क्या, कब और क्यों किया।

एमजंक्शन के वंचित समुदायों के जीवनों के परिमेय अंतर पैदा करने के प्रयास कितने सफल रहे हैं?
एमजंक्शन द्वारा प्रोत्साहित एक ट्रस्ट ईजंक्शन, 2007 में अपनी स्थापना के समय से ही समाज के वंचितों तथा वित्तीय रूप से वंचितों के जीवनों में वास्तविक व परिमेय अंतर पैदा कर रहा है।

ईजंक्शन गरीबों को सशक्त करने के लिए डिजिटल शिक्षा प्रदान करता है। पिछले चार वर्षों से ईजंक्शन अपने द्वारा प्रशिक्षित लोगों के लिए रोजगार योग्य क्षमता के निर्माण पर ध्यान फोकस कर रहा है। अब तक प्रशिक्षित किए गए 15,000 लोगों में से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल गया है। वित्तीय वर्ष 2017 में, 3616 लोगों को प्रशिक्षित किया गया था और 1872 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए गए थे।

ईजंक्शन के पास अब 41 समर्पित केन्द्र हैं जो ओडिशा, झारखंड तथा फस्छिमी बंगाल में फैले हुए हैं।

उपलब्धियां

  • टेलीकॉम स्पेक्ट्रम ऑक्शन: एमजंक्शन, तकनीकि रूप से योग्य एकमात्र सेवा प्रदाता था जब इसे दूरसंचार विभाग से तीन बरसों का अनुबंध हासिल हुआ।
  • वाणिज्यिक कागज ऑक्शन: रु 2425 करोड़ के वाणिज्यिक कागज सेल के लिए सोर्स किए गए।
  • कोयले का ई-वितरण: महाराष्ट्र को सेवा प्रदान की गयी; महाराष्ट्र राज्य खनन कारपोरेशन को फरवरी 2017 से पहले पहले चरण की सेवाएं प्रदान की गयी।
  • ऐक्सिस बैंक के साथ संयुक्त उपक्रम: यह कंपनी एमएसएमई को ट्रेड रिसीवेबल्स के लिए ऑनलाइन छूट प्रदान करती है।
  • अनाज के लिए ई-ऑक्शन: एफसीआई ने अनाज के ऑक्शन व भारत के 4000 मजबूत खरीदार आधार को वितरित करने के लिए एमजंक्शन को चुना है।