सितम्बर 2016

निभाने के लिए कुछ वादे

2006 में इंडोनेशिया में स्थापित होने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज तेजी से बढ़ा है, और वह गतिमान देश की क्षमता का लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह स्थापित है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, जो सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापार में सफलता का आदर्श है और जो कि कई वर्षों के अपने असाधारण विशेषज्ञता और प्रचुर मात्रा में अनुभव के लिए प्रखर हुआ है वह अपनी पहुंच और किसी भी भौगोलिक स्थान पर अपनी जड़ों पर काफी हद तक निर्भर है। इंडोनेशिया में टीसीएस का संचालन कम्पनी के संगठनात्मक फैलाव को दर्शाता है और साथ ही यह उदाहरण है कम्पनी की मजबूत नींव का जिसके आधार पर वह अपनी क्षमता के बलबूते बाजार में उन्नत होने की अपेक्षा रखती है।

एयरलाइन पर आइटी कार्यान्वन योजना की शुरुआत पर उपस्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और गरुड़ इंडोनेशिया के अधिकारी

इंडोनेशिया टीसीएस का सबसे उच्च-प्राथमिकता वाला लक्ष्य है जो अन्यों के मुकाबले ब‌ड़ी तेजी से विकास कर रहा है। इंडोनेशिया में टीसीएस के कंट्री हेड भाविन झवेरी कहते हैं, ‘अप्रैल 2006 में इंडोनेशिया में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से हमने शुरुआत की थी और उसके बाद समय-समय पर अपने पोर्टलियो को और बढ़ाया है’। ‘यह आइटी के परिप्रेक्ष्य से पूरी तरह से परिपक्व बाजार अब तक नहीं बना है लेकिन यह उड़ान भरने की तैयारी में है’

टीसीएस टाटा कम्पनियों में से इंडोनेशिया और द्वीपसमूह में स्थापित होने वाली पहली कम्पनी है। स्थापना के एक दशक में कम्पनी की उन्नति ही समूह के बढ़ते महत्व का उदाहरण है। ‘हमने यहां काफी अच्छी तरह विकास किया है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि यहां और भी विस्तार की संभावनाएं हैं’, यह कहना है श्री जवेरी का जो टीसीएस में 13 वर्षों से कार्यरत हैं और उन्होंने मणिपाल प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग करने के बाद कम्पनी में ग्रैजुएट ट्रेनी के रूप में जुड़े थे।

बैंकिंग ने ही इंडोनेशिया में टीसीएस की प्रारंभिक जोर को उपलब्ध करवाया और अब भी वह कम्पनी का मुख्य भाग बना हुआ है। टीसीएस देश के प्रमुख छह बैंकों में से चार को सॉफ्टवेयर और सेवाएं मुहैय्या कराता है। , इन बैंकों नए टीसीएस के पोर्टफोलियो में सबसे अच्छा स्थान प्राप्त कर लिया है, जिसमें टीसीएस बीएएनसीएस, एक मालिकाना कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस, भी शमिल है।

इंडोनेशिया के आइटी बाजार में अनुकूलित सॉल्यूशंस की अपेक्षा तैयार उत्पाद ही हावी रहते हैं। यह टीसीएस के लिए प्रतिकूल प्रतीत होता है जिसके तीन मुख्य आधार हैं आइटी सेवाएं, सलाह और बिजनेस प्रोसेस। लेकिन स्थिति में अब परिवर्तन आ रहा है। 2015 में कंट्री हेड का कार्यभार संभालने वाले श्री झवेरी ने कहा, ‘हर जगह की तरह यहां का भी भविष्य डिजिटल है और यहां इसके लिए काफी मांग है’।

बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के अलावा टीसीएस को अन्य उद्योगों से भी इंडोनेशियाई ग्राहक प्राप्त हो रहे हैं जैसे कि दूरसंचार, खुदरा, एयरलाइन, इंश्योरेंस और ऊर्जा। इनमें से कई कम्पनियां, और यहां तक कि घेरे में स्थित अन्य कम्पनियां भी, मानती हैं कि डिजिटल होने में ही भविष्य है और यह बात टीसीएस के पक्ष में जाती है।

बड़ी जनसंख्या वाला कोई भी देश टीसीएस के कौशल के लिए उपजाऊ जमीन है। 250 मिलियन से अधिक की जनसंख्या वाला इंडोनेशिया इस पर बिल्कुल खरा उतरता है। इस परिस्थिति में कम्पनी की आगे बढ़ने वाली रणनीति में शामिल है उस उद्योग के भाग पर ध्यान केंद्रित करना जहां लोगों की संख्या मायने रखती हो।

एक देश और बाजार के रूप में इंडोइनेशिया में कुछ इसा आकर्षण है जो बाहरी कम्पनियों को अपनी ओर खींचता है। श्री झवेरी तो कोशिश भी नहीं करते। ‘मेरे विचार में इंडोनेशिया काम करने की लिहाज से एक बेहतरीन स्थान है जहां अवसरों का भंडार है। इस देश के लोग इसकी सबसे अच्छी बात हैं, जो काफी अच्छे और आत्मीय हैं। वे ऊपर से भले ही आरामतलब प्रतीत होते हैं लेकिन उनमें सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा है। व्यापारिक दृष्टि से भी इंडोनेशिया के पास देने के लिए बहुत कुछ है, यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा बाजार है।’

टीसीएस ने अपने व्यापार के चलते इंडोनेशिया में अपने संचालन मॉडल को सुधारा है। कम्पनी के पास युनाइटेड स्टेट्स अर ब्रिटेन जैसे देशों में अपने अनेक आइटी कार्य के लिए प्रख्यात ऑफशोर मॉडल है, जिसमें से ढेर सारे कार्य भारत के बाहर संचालित होते हैं। उसके पास फिलिपींस, हंगरी और मेक्सिको जैसे देशों में ‘नियरशोर’ केंद्र भी हैं। इंडोनेशिया में टीसीएस का ‘मिश्रित’ संचालन है।

जो प्रतिभा टीसीएस खोज रही है वह निश्चित ही भारत की प्रतिभा जितना विशाल नहीं है। श्री झवेरी कहते हैं, ‘यह एक चुनौती है और हमने इससे निपटने के लिए सबसे अच्छे संस्थान से लोगों को नियुक्त किया है और नए आगंतुकों को टीसीएस की कार्यप्रणाली के अनुसार ढाला है’। ‘कुछ लोगों को छोड़कर वे लोग हमारे साथ बने रहे

इंडोनेशिया के ग्राहकों की सेवा करने वालों में से 40 प्रतिशत स्थानीय लोग हैं और इस संख्या के बढ़ने की उम्मीद है। आंकड़ों के आधार पर 2015-16 तोड़़ा सुस्त था लेकिन श्री झवेरी को इस साल 25-30 प्रतिशह के वृद्धि की अपेक्षा है। ‘हमारे विकास के अनुरूप हम और अधिक संख्या में स्थानीय लोगों को जोड़ेंगे।’

टीसीएस के दृष्टिकोण से इंडोनेशिया का व्यापार गति के साथ चलती अर्थव्यवस्था में ही विकास कर सकता है। फिलहाल यह देश राजस्व के लिहाज से टीसीएस के पोर्टफोलियो के मध्य तक ही पहुंचा है लेकिन इसे शीर्ष पर आने के लिए और लंबी दूरी तय करनी है। “ श्री झवेरी का कहना है कि हम अपने आपमें आने वाले तीन से चार वर्षों ,” में 200 प्रतिशत के विकास की उम्मीद रखते हैं।

अपने लक्ष्यों को पूरा करने की राह में टीसीएस को काफी मुश्किलों का सामना करना है। “ श्री झवेरी बताते हैं कि इंडोनेशिया में आइटी उद्योग को पश्चिमी दुनिया या सिंगापूर,&rdquo के स्तर तक आने के लिए कुछ समय लगेगा। “ इससे परे हटके देखें तो बहुराष्ट्रीय और स्थानीय कम्पनियों के मैदान में आने की वजह से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और कीमत हमेशा है सबसे महत्वपूर्ण कारक रहा है। .”

विदेशी संस्कृतियों के पारखी श्री झवेरी जकार्ता, जहां टीसीएस का मुख्यालय है, में हमेशा के लिए बुरे फंसने वाले ट्रैफिक से बचने के विषय की प्रशंसा करने में अधिक भावुक हैं। “भारत से आने वालो लोगों को चिंता जरूर होती है लेकिन एक बार यहां ढलने के बाद वे इस देश को प्यार करने लगते हैं। आप सभी कई पास सारी सुविधाएं हैं और यहां मेरे जैसे शाकाहारी लोगों के लिए भी भोजन के काफी विकल्प हैं। .”

ये फिलहाल टीसीएस के लिए अनुभवहीन समय हैं और हमें और भी कई बाधाएं पार करनी है लेकिन श्री झवेरी बाधाओं से रुकने वालों में से नहीं हैं। “ एक गर्वित टीसीएस कर्मी और टाटा का सदस्य होने के नाते मुझे विश्वास है कि हम स्वयं और देश के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं, खासतौर से समाज को वापस देने के हमारे सिद्धांत से। इंडोनेशिया इस राह में आगे चलकर दुनिया भर के सिंगापूर जैसे देशों को पीछे कर सकता है और मुझे उम्मीद है कि टीसीएस और टाटा समूह इसे संभव करने में सहायता करेंगे।

टू इन द ब्रू
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने इंडोनेशिया में अपनी नींव उस क्षेत्र में मजबूत के है जिसमें वह विशेषज्ञ है जैसे सेवाएं, समाधान और उत्पाद प्रदान करना जिससे इसके क्लायंट कार्यक्षमता को अधिकतम बढ़ा सकते हैं और सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक लाभ उठा सकते हैं। निम्नलिखुत है दो उदाहरण कि यह कैसे संभव होगा:

गरुड़ इंडोनेशिया : मार्च 2014 में देश की राष्ट्रीय ’s एयरलाइन गरुड़ इंडोनेशिया को समाधान उपलब्ध कराया था जिससे वह विमान के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरो) के संचालन को बेहतर कर सके।

गरुड़ ’s का टीसीएस से संबंध वर्ष 2012 से शुरू हुआ जब अयरलाइन को अपने एमआरओ टेक्नोलॉजी के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने, मजबूत करने और बढ़ाने की जरूरत थी, जिसके लिए कई विक्रेताओं के अनेक आवेदन भरे पड़े थे। टीसीएस स्विफ्ट एमआरओ मंच को लागू करने का कार्यक्रम ब्लूप्रिंट से संच्लान के स्तर पर केवल 13 महीनों में संभव हो गया जो कि किसी भी योजना में लगने वाले समय से काफी कम है।

आलियांज इंडोनेशिया : टीसीएस ने पीटी असुरांसी आलियांज लाइफ इंडोनेशिया — जो आलियांज समूह का भाग है, जो कि विश्व के सबसे बड़े इंश्योरेंस कम्पनियों में से एक है, को कठोर परीक्षण प्रक्रियाओं को स्थापित करने और व्यापक इन-हाउस परीक्षण केंद्र स्थापित करने में सहायता की।

आलियांज इंडोनेशिया दो मिलियन से अधिक पॉलिसी धारकों को इंश्योरेंस सॉल्यूशंस प्रदान करता है। त्रुटिहीन उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए चपलता और प्रतिक्रिया के प्रदर्शन की आवश्यकता थी और उसे देश के भीतर क्षमताओं को विकसित करने के लिए परीक्षण प्रबंधन केंद्र की आवश्यकता थी और साथ ही आवश्यकता थी दीर्घकालिक शासन की प्रक्रिया डिजाइन करने की।

टीसीएस ने 2012 में दोनों के संबंधों की शुरुआत से ही आलियांज इंडोनेशिया की टीम के साथ मिलकर कार्य करना शुरू कर दिया था ताकि परीक्षण केंद्र को स्थापित करने की योजना ’ को पूरा किया जा सके।