अप्रैल 24, 2017

एनसीएलटी ने टाटा सन्स की स्थिति का समर्थन किया

मुंबई: टाटा सन्स ने 17 अप्रैल 2017 को राष्ट्रीय कम्पनी कानून अधिकरन (एनसीएलटी) के आदेश का स्वागत किया, जिसने फैसला किया है कि एसपी समूह (एसपी समूह की कम्पनियां) की कुछ कम्पनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले याचिकाकर्ता याचिका की योग्यताओं को स्थापित करने में नाकाम रहे हैं और टाटा संस, टाटा ट्रस्ट और श्री रतन एन. टाटा के विरुद्ध कार्रवाई के किसी भी कारण का भी प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं। ट्रिब्यूनल को यह आगे बढ़ाने योग्य प्रथम दृष्टया मामला नहीं लगा। एनसीएलटी का आदेश टाटा संस, टाटा ट्रस्ट और श्री रतन एन. टाटा की स्थिति का समर्थन करता है।

एनसीएलटी के आदेश पर टिप्पणी करते हुए, टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष श्री एन चंद्रशेखरन ने कहा है, “टाटा संस की आगुआई में टाटा समूह हमेशा उच्चतम नैतिक मानकों और शासन के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। हम एनसीएलटी के आदेश का स्वागत करते हैं और यह इन मूल्यों और सिद्धांतों का समर्थन है। टाटा सन्स और संचालित कम्पनियां हमारे शेयरधारकों के लिए मूल्य देने के लिए विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और हम उनके सभी सहयोगियों द्वारा सतत समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं।

एनसीएलटी आदेश की महत्वपूर्ण सबक:

  1. एसपी समूह की कम्पनियों ने कुप्रबंधन और उत्पीड़न का मामला स्थापित नहीं किया है और समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है। एसपी समूह की कंपनियां इस संबंध में कार्रवाई का एक कारण बनाने में नाकाम रही हैं।

  2. टाटा संस के संचालन के तरीके से एसपी समूह की कम्पनियों की आर्थिक रुचि प्रभावित नहीं हुई है और आगे भी टाटा संस के कार्यों ने सार्वजनिक हित को चोट नहीं पहुंचाई है।

  3. पिछले लेनदेन से जुड़े आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई आधार नहीं है, जिसमें सीमावर्ती अधिग्रहण और संचालित कम्पनियों के व्यापार निर्णय शामिल हैं।

  4.  टाटा ट्रस्ट ने अपने शेयरधारक अधिकारों का इस्तेमाल एसपी समूह की कंपनियों को दमनकारी लगने वाले तरीकों से नहीं किया है।

  5. टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी और विशेष रूप से श्री रतन एन. टाटा टाटा संस के केवल आभासी निर्देशक नहीं थे। श्री रतन एन. टाटा के खिलाफ आरोप अस्पष्ट हैं और कोई भी भौतिक विवरण नहीं है।

  6. केवल याचिका ही अनुरक्षणीय नहीं है, लेकिन एसपी समूह की कम्पनियों द्वारा माफी आवेदन को न्यायसंगत बनाने के लिए कोई आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है।