फरवरी 17, 2017

टाटा ग्लोबल बेवरेजेज-समर्थित मुन्नार का डीएआरई स्कूल खास बच्चों की देखभाल के 25 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है

डीएआरई स्कूल (डेवलेपमेंट एक्टिविटीज इन रीहैबिलीटेटिव एजुकेशन) ने हाल ही में मुन्नार क्षेत्र में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने और विकास को सहायता प्रदान करने के कार्यों का रजत जयंती वर्ष मनाया है। यह स्कूल सृष्टि ट्रस्ट का एक भाग है, जो टाटा ग्लोबल बेवरेजेज द्वारा समर्थित, मुन्नार स्थित एक सामुदायिक विकास परियोजना है। इस बारेमें और ज्यादा जानकारी के लिए डीएआरई पर एक लघु फिल्म देखने और उनकी प्रगति के बारे में जानने के लिए कृपया यहां क्लिक करें

डीएआरई स्कूल ने ‘विशेष आवश्यकता युक्त युवा लोगों के लिए शिक्षा में हालिया रुझान’ पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर हाल ही में अपना रजत जयंती वर्ष मनाया है

डीएआरए की 25 वर्षगांठ को स्मरणीय बनाने के लिए, ‘विशेष आवश्यकता युक्त युवा लोगों के लिए शिक्षा में हालिया रुझान’ विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक तथा व्यावसायिक पुनर्वास के लिए नए तरीकों पर दृष्टिकोण, अनुभवों तथा शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए, जिसके माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर, स्वयं-प्रेरित तथा समाज का एक महत्वपूर्ण सदस्य बनाया जा सके। स्वीडन, इजरायल, आस्ट्रेलिया तथा अमेरिका से आए प्रख्यात राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं ने 11 तथा 12 फरवरी, 2017 को यहां एकत्र 170 से अधिक लोगों को संबोधित किया। कुछ मुद्दे, जिनपर यहां चर्चा की गई, में शामिल हैं, ‘बाल-मित्रवत कक्षाएं’, ‘सम्मान के साथ आजीविका अर्जित करना’, ‘समावेशी शिक्षा: पैतृक दृष्टिकोण से एक सिंहावलोकन’, ‘विशेष शिक्षा तथा समावेशी शिक्षा के मॉडल: चुनौतियां, अंतराल और संभावनाएं’, आदि।

इस सम्मेलन की कुछ झलकियां नीचे दी जा रही हैं।

इस महत्वपूर्ण कालजयी आयोजन को मुख्य मीडिया माध्यमों ने कवर किया। उनमें से एक दिलचस्प प्रस्तुति योर स्टोरी की है, जो भारत के औद्योगिक वातावरण के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित भारत का नंबर 1 मीडिया प्रौद्योगिकी मंच है। इस सामग्री को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जो आपको सृष्टि की छत्रछाया में स्थित विभिन्न इकाइयों की यात्रा पर ले जाता है जो मुन्नार के दिव्यांगों को आगे पुनर्वासित और सशक्त बना रहे हैं। 1991 में स्थापित, सृष्टि के अंतर्गत छः इकाइयां आती हैं- डीएआरई, निसर्ग (स्ट्रॉबेरी इकाई), अतुल्य (हस्तनिर्मित कागज और कागज के उत्पाद बनाते हैं), द डेली (चॉकलेट इकाई), द गार्डेन प्रोजेक्ट (फल, सब्जी तथा फूल की खेती), तथा अरण्य नेचुरल्स (प्राकृतिक रंजक तथा विशेष प्रभाव परियोजना जिसमें टाई और डाई, शिबोरी, बाटिक तथा ब्लॉक चित्रांकन शामिल है)।

सृष्टि तथा डीएआरई की 25वीं वर्षगांठ समारोह पर और अधिक प्रेस कवरेज इन लिंक पर प्राप्त किए जा सकते हैं: टाइम्स ऑफ इंडिया प्रिंट तथा ऑनलाइन , हिंदुस्तान टाइम्स तथा प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई)